Tuesday, 23 June 2020

ख़याल



                         उफ़ ये मौसम

तीन महीने बाद कल घर से बाहर गई, खुली हवा में सांस ली बहुत अच्छा लगा, यु तो हम कार में गए थे !और कही रुके नहीं बस गए और आये पर 2 घण्टे का समय लगा जाने में और उतना ही आने में ! पर  फिर भी इस बारिश के खूबसूरत मौसम में बाहर निकलना ही काफ़ी होता है सुकून पाने के लिए !सच पूछिए तो इन 3 महीनों में घर में बैठे बैठे अजीब सी कोफ़्त होने लगी थी ! ना कही आना ना कही जाना वो भी मुझ जैसे इंसान के लिए जिसे घूमना इतना पसंद है ! अजीब अजीब से ख़याल मन में आने लगे थे अगर कुछ दिन ऎसा रहता तो मैं तो सच में पागल हो जाती ! पर थैंक गॉड फाइनली कल मैं बाहेर गई थी ! ठंडी हवा के झोंके जब चेहरे पर पड़ते थे तो अनगिनत ख़ुशी की तरंगे मन में उठती थी ! हरे हरे पेड़ और उसपे काले काले काले बादल अलग ही समां बांध रहे थे ! वैसे तो यु ही मुझे बारिश का मौसम बहुत पसंद है पर कल तो मौसम अपनी पूरी खूबसूरती के साथ जैसे मेरे सामने था सफ़ेद बादल पहाड़ो को ढके हुए ऐसे लग रहे थे जैसे कोई लुका छिपी का खेल चल रहा हो ! ये सब एक अलग ही दुनिया में खींच रहे थे जहा किसी बात की कोई फिकर नहीं थी कोई चिंता नहीं थी ! मन कर रहा था ये सफर कभी ख़तम ही ना हो ! मन कही दूर उड़ रहा हो जैसे इन बादलो के साथ ! कभी कभी अपने आप के साथ भी वक़्त गुज़ार लेना चाहिए सच बहुत अच्छा लगता है ! आप और ये खूबसूरत सा मौसम !