Monday, 27 July 2020

एक थी अमृता





मुक़्क़मल मोहब्बत


यु तो मैंने बहुत से लोगो की रचनाएँ पढ़ी हैं ! कई कवियों की कविताएं, लेखकों की कहानियाँ, और उपन्यासकारों के उपन्यास ! पर इन सब में सिर्फ दो ही लेखिकाएं ऐसी हैं जिन्होंने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया ! इनमे से एक हैं पंजाबी लेखिका अमृता प्रीतम और दूसरी हैं पूजा उपाध्याय ! मैंने अमृता प्रीतम के बहुत सारे लघु उपन्यास और कई कविताएं पढ़ी हैं  ! और यकीन मानिये उनकी हर रचना अपने आप में बेहतरीन और गजब की रूहानियत लिए हुए है ! मोहब्बत को जितनी शिद्दत से उन्होंने जिया हैं , मुझे नहीं लगता किसी और ने कभी उतनी शिद्दत से इस अहसास को महसूस किया हो ! अमृता जी की एक कविता "मैं तैनू फिर मिलांगी" मुझे इतनी पसंद हैं की मैं लफ्ज़ो में बयां नहीं कर सकती ! इस कविता में वो अपने मेहबूब से अगले जन्म में जिस्म बदल कर फिर मिलने का वादा करती हैं ! उनके जैसी मोहब्बत आज के ज़माने में भला कौन कर सकता हैं ! वो प्यार करती थी साहिर से, इस प्यार को वो अंजाम तो नए दे पाई पर अपनी लेखनी में जैसे उन्होंने अपनी इस मोहब्बत को मुकम्मल कर दिया ! अपनी किताब एक थी अनीता में उन्होंने अपना एक राज ज़ाहिर किया हैं अपनी कहानी की नायिका अनीता के ज़रिये, की कैसे जब साहिर उनसे मिलने आते थे तो कितनी ही सिगरेट पी जाया करते थे ! अमृता सिगरेट तो नहीं पीती थी, पर साहिर के जाने के बाद वो बची हुई सिगरेट अपनी उंगलियों में फ़साती और उन्हें फिर से सुलगा कर पिया करती और ऎसा करके वो साहिर को फिर से अपने आस पास महसूस करती थी !साहिर का जन्मदिन भी वो ऐसे ही मनाती थी केक बनाती अपने कमरे में आके केक के 2 पीस काटती और सिगरेट पीते पीते वो केक के दोनों ही टुकड़े ख़तम करती थी और ऎसा करके वो दिनभर खुश रहती की उन्होंने साहिर का जन्मदिन मनाया !वैसे तो मुझे सिगरेट शराब पिने वाले लोग कभी पसंद नहीं आये पर उनका मोहब्बत को इस तरह महसूस करना मेरी रूह को छू गया ! अमृता प्रीतम के ख़याल जो उनकी किताबों में कैद हैं अक्सर पढ़ने वालो के दिलो दिमाग़ में एक तूफान पैदा कर देते हैं ! यु तो अमृता जी के बारे में कहने को बहुत कुछ हैं पर आज के लिए इतना ही काफ़ी हैं बाकि फिर कभी !

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Tuesday, 23 June 2020

ख़याल



                         उफ़ ये मौसम

तीन महीने बाद कल घर से बाहर गई, खुली हवा में सांस ली बहुत अच्छा लगा, यु तो हम कार में गए थे !और कही रुके नहीं बस गए और आये पर 2 घण्टे का समय लगा जाने में और उतना ही आने में ! पर  फिर भी इस बारिश के खूबसूरत मौसम में बाहर निकलना ही काफ़ी होता है सुकून पाने के लिए !सच पूछिए तो इन 3 महीनों में घर में बैठे बैठे अजीब सी कोफ़्त होने लगी थी ! ना कही आना ना कही जाना वो भी मुझ जैसे इंसान के लिए जिसे घूमना इतना पसंद है ! अजीब अजीब से ख़याल मन में आने लगे थे अगर कुछ दिन ऎसा रहता तो मैं तो सच में पागल हो जाती ! पर थैंक गॉड फाइनली कल मैं बाहेर गई थी ! ठंडी हवा के झोंके जब चेहरे पर पड़ते थे तो अनगिनत ख़ुशी की तरंगे मन में उठती थी ! हरे हरे पेड़ और उसपे काले काले काले बादल अलग ही समां बांध रहे थे ! वैसे तो यु ही मुझे बारिश का मौसम बहुत पसंद है पर कल तो मौसम अपनी पूरी खूबसूरती के साथ जैसे मेरे सामने था सफ़ेद बादल पहाड़ो को ढके हुए ऐसे लग रहे थे जैसे कोई लुका छिपी का खेल चल रहा हो ! ये सब एक अलग ही दुनिया में खींच रहे थे जहा किसी बात की कोई फिकर नहीं थी कोई चिंता नहीं थी ! मन कर रहा था ये सफर कभी ख़तम ही ना हो ! मन कही दूर उड़ रहा हो जैसे इन बादलो के साथ ! कभी कभी अपने आप के साथ भी वक़्त गुज़ार लेना चाहिए सच बहुत अच्छा लगता है ! आप और ये खूबसूरत सा मौसम ! 

Friday, 8 May 2020

उम्र का खूबसूरत पड़ाव

                              16वां बरस 

वैसे तो बहोत से लोगो ने 16वे बरस की ना जाने कितनी कहानियाँ लिखी और सुनी है, फिर भी ये उम्र ही ऐसी है की ना जाने और कितनी ही कहानियाँ लिखी जा सकती है ! वैसे मैं कोई कहानी सुनाने आज आपके सामने नहीं आयी पर हाँ कुछ अहसास जरूर है जो आपसे कहना चाहती हूँ , 
                                अजीब सा नशा है इस उम्र में अजीब सी कशिश ! जिसे बयां कर पाना मुमकिन नहीं ! इससे पहले की हमें ये अंदाजा हो की हम 16वे बरस में कदम रखने ही वाले है कई ख्वाब पलकों में सजने लगते है कोई अनदेखा अनजाना सा ख्वाबों में आने लगता है ! 

कई गीत जो अब से पहले कभी इतने अच्छे  नहीं लगे दिल को बहुत ही भाने लगते है !
                   


 आईने में खुद का अक्स देर तक देखना अच्छा लगता है ! झूले में बैठकर यु ही गुनगुनाते रहना इससे पहले इतना अच्छा शायद ही कभी लगा हो !
                   

किसी का इंतज़ार आँखों को रहने लगता है ! दोस्तों से देर तक बाते करना, स्कूल से भागकर घूमना फिरना कितना मज़ेदार होता है !
                    

फिर अचानक कोई आपकी ज़िन्दगी में आता है ! जैसे सुबह की पहली किरण ! जिसका इंतज़ार हम ना जाने कब से कह रहे थे !
                   

उसका आना ज़िन्दगी के केनवस पर नये रंग भर देता है ! 
                    

हम खुद भी समझ नहीं पाते की कब और कैसे कोई हमें अपने आप से भी ज्यादा प्यारा हो गया ! बारिश का मौसम जो पहले कीचड़ो वाला मौसम लगता था ! अब वही बारिश का मौसम सबसे खूबसूरत मौसम लगने लगता है जिसकी बूंदो में हमारा तन ही नहीं बल्कि मन भी भीग जाता है ! 
                   
                

और यही मन मयूर बन कब नाचने लगता है हमें पता भी नहीं चलता ! 
                 

 हमारे अरमानो को जैसे पँख लग जाते है ! हम उड़ना चाहते है ! खुले आसमान में दूर तक उड़ना! 
               
और हम अपनी ख्वाबों की दुनिया से तब तक वापिस नहीं आते जब तक जिंदगी की कुछ बेरहम सच्चाइयाँ हमें खुले आसमान से पकड़कर निचे जमीन पर पटक नहीं देती ! तब हमें पता चलता है की हम एक ऐसी दुनिया में जी रहे थे जिसका हकीकत से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं ! अचानक खुद को ठगा हुआ सा महसूस करते है और इस 16वे बरस को मुँह चिढ़ाता हुआ !
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                            16th year


 Although many people have known and heard many stories since the 16th year, yet this age is such that no one can know and how many stories can be written!  Well, I did not come across you today to tell any story, but yes there is definitely some feeling that I want to tell you,

 There is a strange intoxication at this age!  Which is not possible to tell!  Before we realize that we are about to step into the 16th year, many dreams begin to decorate in the eyelids, someone starts coming in unknown dreams!
                     

 Many songs which have never looked so good before now seem to be very pleasing to the heart!
                       

  It's nice to see yourself in the mirror for a long time!  Before sitting in a swing, humming only rarely has it felt so good before!
                       

  Eyes wait for someone!  How fun it is to talk to friends for long hours, to run away from school!
                        


Then suddenly someone comes into your life!  Like the first ray of dawn!  For whom we have not been waiting since long!
                         


 His arrival fills new colors on the canvas of life!
                       
                     
  We ourselves do not understand when and how someone has made us more loving than ourselves!  The rainy season that used to be mudy season!  Now the rainy season seems to be the most beautiful season, in whose drops not only our body but also our mind gets wet!
                       
     
  And we do not even know when this mind starts dancing as a peacock!
                      


Our Armano is like a fan!  We want to fly!  Fly far in the open sky!
                       

 And we do not return from our world of dreams until some merciless truths of life catch us from the open sky and slam it on the ground below!  Then we come to know that we were living in a world that has no connection with reality.  Suddenly he feels cheated and teases this 16 year old!